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प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई)– अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (एफएक्‍यू)

प्रधानमंत्री जन-धन योजना क्या है?
प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन मिशन है जो वहनीय तरीके से वित्तीय सेवाओं नामतः, बैंकिंग/बचत तथा जमा खाते, विप्रेषण, ऋण, बीमा, पेंशन तक पहुंच सुनिश्चित करता हो।
पीएमजेडीवाई पिछली वित्तीय समावेशन योजना (स्वाभिमान) से किस प्रकार भिन्न है?
पीएमजेडीवाई परिवारों की कवरेज पर ध्यान केंद्रित करती है जबकि पिछली योजना गांवों के कवरेज पर केंद्रित थी। यह ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों की कवरेज पर ध्यान केंद्रित करती है। पिछली योजना में केवल उन गांवों को लक्षित किया गया था जिनकी जनसंख्या 2,000 से अधिक थी जबकि पीएमजेडीवाई के अंतर्गत 1000-1500 परिवारों वाले प्रत्येक उप-सेवा क्षेत्र में बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करते हुए सारे देश को कवर किया जाना है ताकि ऐसी सुविधा उचित दूरी उदाहरणार्थ लगभग 5 किमी के भीतर सबको उपलब्ध हो।
क्या प्रधानमंत्री जन-धन योजना के अंतर्गत संयुक्त खाता खोला जा सकता है?
जी हां, संयुक्त खाता खोला जा सकता है।
इस योजना के अंतर्गत मैं कहां खाता खोल सकता हूं?
खाता किसी भी बैंक शाखा अथवा व्यवसाय प्रतिनिधि (बैंक मित्र) आउटलेट में खोला जा सकता है।
बीएसबीडीए खाता क्या है?
मूलभूत बचत बैंक जमा खाता (बीएसबीडीए) आरबीआई द्वारा उसके दिनांक 10.08.2012 के परिपत्र द्वारा परिभाषित किया गया है। उसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
  • न्यूनतम शेष राशि की कोई आवश्यकता नहीं है।
  • उपलब्ध सेवाओं में बैंक शाखा के साथ-साथ एटीएम द्वारा नकद का जमा तथा आहरण; इलेक्ट्रॉनिक भुगतान माध्यमों अथवा चेकों के संग्रहण/जमा करने के द्वारा धन की प्राप्ति/प्रेषण शामिल हैं।
  • एटीएम आहरण सहित एक माह में अधिकतम चार आहरण। जमा के लिए ऐसी कोई सीमा नहीं है।
  • एटीएम कार्ड अथवा एटीएम सह-डेबिट कार्ड की सुविधा।
  • ये सुविधाएं बिना किसी अतिरिक्त लागत के उपलब्ध कराई जानी है।
क्या व्यक्तियों के लिए बैंकों द्वारा बीएसबीडीए खोलने के लिए कोई बंदिशें जैसे आयु, आय, राशि इत्यादि के कोई मापदंड हैं?
 10 वर्ष की आयु से अधिक कोई भी व्यक्ति बीएसबीडीए खाता खोल सकता है।
रूपे डेबिट कार्ड क्या है?
रूपे डेबिट कार्ड एक स्थानीय घरेलू डेबिट कार्ड है जो कि नैशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) द्वारा प्रारंभ किया गया है। यह कार्ड देश में सभी एटीएम (नकद आहरण हेतु) तथा अधिकतर पीओएस मशीनों (खरीदों के लिए नकद रहित भुगतान करने हेतु) पर स्वीकार्य है।
पीआईएन संख्या क्या है?
व्यक्तिगत पहचान संख्या (पीआईएन) एटीएम मशीन से धन का आहरण करते समय तथा साथ ही पीओएस पर भुगतान करते समय उपयोग हेतु एक स्वेच्छा से बनाया गया कोड है।
अपने रूपे कार्ड को कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है?
रूपे कार्ड के लाभार्थी को कार्ड को सुरक्षित अभिरक्षा में रखने की आवश्यकता होती है। अक्सर अंतरालों पर पिन को बदल देना चाहिए तथा उसे कभी किसी को भी नहीं बताया जाना चाहिए। एटीएम मशीन अथवा पीओएस पर कार्ड का उपयोग करते समय मशीन में पीआईएन को काफी गुप्त तरीके से दर्ज किया जाना चाहिए ताकि कोई भी पीआईएन संख्या के बारे में अंदाजा ही न लगा सके। जहां तक संभव हो, कार्ड को केवल प्राधिकृत स्थानों/केंद्रों पर ही प्रयोग में लाया जाना चाहिए। साथ ही पीआईएन संख्या को कार्ड पर कभी भी नहीं लिखा जाना चाहिए।                                     
रूपे डेबिट कार्ड का विशेष लाभ क्या है?
यह ग्राहक को बिना किसी अन्य प्रभार के 1.00 लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा कवर प्रदान करता है।
क्या अशिक्षित ग्राहकों को भी रूपे कार्ड जारी किया जा सकता है?
जी, हां। तथापि, शाखा प्रबंधक को रूपे कार्ड जारी करते समय अशिक्षित खाता धारक को सभी संबंधित जोखिमों के बारे में परामर्श देना होगा।
मोबाईल संख्या को बैंक खाते के साथ किस प्रकार जोड़ा जा सकता है?
किसी खाता धारक की मोबाईल संख्या को खाता खोलने वाले फार्म में दी गई सूचना के आधार पर बैंक द्वारा सीवीएस प्रणाली में ग्राहक के खाते में दर्ज किया जाता है। साथ ही विद्यमान खातों के लिए बैंक एटीएम, पजीकृत मोबाईल से एसएमएस, नेट बैंकिंग के माध्यम से या शाखा में अनुरोध करने पर अनुमति देते हैं (अलग-अलग बैंकों में यह अलग-अलग हो सकता है)।
डेबिट कार्ड को प्रचालनरत कैसे रखा जा सकता है?
दुर्घटना बीमा कवर का लाभ प्राप्त करने हेतु रूपे डेबिट कार्ड का 45 दिनों में कम से कम एक बार उपयोग करना आवश्यक है।
डेबिट कार्ड कितनी अवधि तक वैध है तथा डेबिट कार्ड का नवीकरण कैसे होता है?
डेबिट कार्ड की समाप्ति तिथि कार्ड पर ही वर्णित होती है। खाता धारक को परामर्श दिया जाता है कि संबंधित बैंक को नया आवेदन देकर अपने विद्यमान कार्ड की समाप्ति से पहले नया कार्ड जारी करा लें।
यदि किसी के पास दो या अधिक खाते हैं तथा दो या अधिक रूपे डेबिट कार्ड है तो क्या दुर्घटना बीमा कवर प्रत्येक खाते/प्रत्येक कार्ड पर उपलब्ध है?
दुर्घटना बीमा कवर केवल एक खाते में उपलब्ध है।
पीओएस मशीन क्या है?
पीओएस का अर्थ है बिक्री का बिंदु। पीओएस मशीन एक छोटा उपकरण है जो कि अपने ग्राहकों को नकद रहित खरीद की सुविधा प्रदान करने के लिए लगभग सभी व्यापार केंद्रों पर लगाया जाता है।
क्या किसी व्यक्ति का जिसका पहले ही किसी बैंक में कोई बैंक खाता है उसे प्रधान मंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) के अंतर्गत दुर्घटना लाभ/जीवन बीमा लाभ प्राप्त करने के लिए अन्य खाता खोलने की आवश्यकता है?
पहले ही किसी बैंक में बैंक खाते वाले किसी व्यक्ति को पीएमजेडीवाई के अंतर्गत अलग खाता खोलने की आवश्यकता नहीं है। उसे बीमा का लाभ लेने के लिए अपने विद्यमान खाते में केवल रूपे कार्ड जारी कराना होगा। यदि विद्यमान खाता संतोषजनक रूप से परिचालित किया जा रहा है तो उसमें ऋण सुविधा प्रदान की जा सकती है।
पीएमजेडीवाई खाते में 5,000/- रुपए के ओवरड्राफ्ट की अवधारणा क्या है तथा यह सुविधा किसको उपलब्ध है?
पीएमजेडीवाई के खाता धारकों को खाते के छः महीने के संतोषजनक परिचालन के उपरांत 5,000/- रुपए तक की ओवरड्राफ्ट की सुविधा उपलब्ध होगी। दोहरेपन से बचने के लिए आधार संख्या भी आवश्यक होगी। यदि आधार संख्या उपलब्ध नहीं है तो बैंक अतिरिक्त उचित सावधानी बरतेंगे तथा लाभार्थी से घोषणा-पत्र भी प्राप्त करेंगे।
.क्या ओवरड्राफ्ट की सुविधा एक से अधिक खाते से ली जा सकती है?
प्रति परिवार, मख्‍यत: परिवार की स्‍त्री के लिए सिर्फ एक खाते में 5,000/- रुपए तक की ओवरड्राफ्ट की सुविधा उपलब्ध है।
दुर्घटना बीमा कवर क्या है? प्रीमियम का भुगतान कौन करेगा?

दुर्घटना बीमा कवर 1.00 लाख रुपए का है और लाभार्थी से कोई प्रीमियम प्रभारित नहीं किया जाता है – एनपीसीआई प्रीमियम का भुगतान करेगा। वर्तमान में प्रीमियम 0.47 रुपए प्रति कार्ड है।

यदि पति तथा पत्नी दोनों जो कि पीएमजेडीवाई के अंतर्गत खाता खोल रहे हैं तो वे अलग-अलग दोनों खातों में 1.00 लाख रुपए के दुर्घटना बीमा कवर तथा 5,000/- रुपए की ओवरड्राफ्ट सुविधा के लिए पात्र है?
1.00 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा कवर सभी खाताधारकों को उपलब्ध होगा। तथापि, 5,000/- रुपए तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा परिवार में केवल एक व्यक्ति (विशेष रूप से घर की महिला) को उपलब्ध होगी।
प्रधान मंत्री जन-धन योजना के अंतर्गत खाता खोलने के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता है?

(i) यदि आधार कार्ड/आधार संख्या उपलब्ध है तो कोई अन्य दस्तावेज आवश्यक नहीं है। यदि पता बदल गया है तो वर्तमान पते का स्वप्रमाणन पर्याप्त है।
(ii) यदि आधार कार्ड उपलब्ध नहीं है तो निम्नलिखित सरकारी रूप से वैध दस्तावेजों (ओवीडी) में से किसी एक की आवश्यकता होगीः मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाईसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट तथा नरेगा कार्ड। यदि इन दस्तावेजों में आपका पता भी मौजूद है तो ये “पहचान तथा पते का प्रमाण” दोनों का कार्य कर सकता है।
(iii) यदि किसी व्‍यक्ति के पास उपर्युक्‍त वर्णित “वैद्य सरकारी कागजात” नहीं हैं, लेकिन इसे बैंक द्वारा ‘कम जोखिम’ की श्रेणी में वर्गीकृत किया जाता है तो वह निम्‍नलिखित में से कोई एक कागजात जमा करके बैंक खाता खुलवा सकता/सकती है।
केंद्र/राज्‍य सरकार के विभाग, सांविधिक/विनियामकीय प्राधिकारियों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों और लोक वित्‍तीय संस्‍थानों द्वारा जारी आवेदक के फोटो वाले पहचान पत्र;
उक्‍त व्‍यक्ति के विधिवत सत्‍यापित फोटोग्राफ के साथ राजपत्रित अधिकारी द्वारा जारी किया गया पत्र।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपनी दिनांक 26.08.2014 की प्रेस प्रकाशनी के माध्यम से निम्नानुसार स्पष्ट किया हैः

“जिन व्यक्तियों के पास कोई भी आधिकारिक वैध दस्तावेज नहीं है, वे बैंक में 'लघु खाते' खोल सकते है। 'लघु खाता' स्वयं द्वारा सत्यापित फोटोग्राफ के आधार पर और बैंक के अधिकारी की उपस्थिति में हस्ताक्षर कर या अंगूठे का निशान लगाकर खोला जा सकता है। ऐसे खातों की सकल जमा (एक वर्ष मे एक लाख से अधिक नहीं), सकल आहरण (एक महीने में 10,000 रुपए से अधिक नहीं) और खातों में शेषराशि (किसी भी समय 50,000 रुपये से अधिक नहीं) के संबंध में सीमाएं हैं। ये लघु खाते सामान्यत: बारह महीनों की अवधि के लिए वैध होंगे। तत्पश्चात ऐसे खातों को और बारह महीनों के लिए जारी रखने की अनुमति होगी यदि खाताधारक एक दस्तावेज प्रस्तुत करता है जो यह दर्शाता हो कि उसने लघु खाता खोलने के बारह महीनों के अंदर किसी अधिकारिक वैध दस्तावेज के लिए आवेदन किया है।
यदि वर्तमान पता आधार कार्ड में छपे पते से अलग है तो क्‍या फिर भी आधार कार्ड के आधार पर प्रधानमंत्री जन-धन योजना के अंतर्गत खाते खोले जा सकते हैं?
यदि पता बदल गया है, तो वर्तमान पते का स्‍वप्रमाणन पर्याप्‍त होगा।
क्‍या पीएमजेडीवाई के अंतर्गत खोले गए खातों में चेक बुक जारी किए जाएंगे?
पीएमजेडीवाई में खाते शून्‍य जमा राशि के साथ खोले जा रहे हैं। तथापि, यदि खाता धारक चेक बुक प्राप्‍त करना चाहता है तो उसे बैंक के न्‍यूनतम शेष राशि के मानदंड को पूरा करना होगा।
पीएमजेडीवाई से कौन-कौन से प्रत्‍यक्ष/विशेष लाभ जुड़ हैं?
उत्‍तर  इस योजना से जुड़े विशेष लाभ निम्‍नानुसार हैं:
  • जमा राशि पर ब्‍याज।
  • एक लाख रुपए का दुर्घटना बीमा कवर।
  • कोई न्यूितम शेष राशि अपेक्षित नहीं। तथापि, रूपे कार्ड की सहायता से किसी एटीएम से धन की निकासी के लिए खाते में कुछ राशि रखने की सलाह दी जाती है।
  • भारत भर में धन का आसानी से अंतरण।
  • सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को इन खातों से लाभ अंतरण प्राप्‍त होगा।
  • छ: माह तक इन खातों के संतोषजनक परिचालन के पश्‍चात ओवरड्राफ्ट की सुविधा दी जाएगी।
  • पेंशन, बीमा उत्‍पादों तक पहुंच।
मेरे पास खाता खोलने के लिए वैद्य सरकारी कागजात नहीं हैं। क्‍या फिर मैं बैंक में खाता खोल सकता हूँ?

भारतीय रिजर्व बैंक ने दिनांक 26.08.2014 की अपनी प्रेस विज्ञप्ति‍ के माध्‍यम से निम्‍नानुसार यह स्‍पष्‍ट किया है:

      “जिन व्‍यक्तियों के पास कोई भी ‘सरकारी वैद्य कागजात’ नहीं है, वे भी बैंक में “लघु खाते” खुलवा सकते हैं। “लघु खाता” स्‍वप्रमाणित फोटोग्राफ और बैंक अधिकारी के सामने अपना हस्‍ताक्षर करके या अंगूठा लगाकर खोला जा सकता है। इन खातों की सकल ऋण (वर्ष में एक लाख रुपए से अनाधिक), सकल आहरण (माह में 10,000 रुपए से अनाधिक) और खातों में शेष राशि (किसी भी समय 50,000 रुपए से अनाधिक) के संबंध में सीमाएं हैं। आमतौर पर ये खाते 12 महीनों के लिए वैद्य रहेंगे। इसके पश्‍चात् ऐसे खातों को अगले 12 माह तक जारी रखने की अनुमति दी जाएगी, यदि खाता धारक ऐसे कागजात उपलब्‍ध कराता है जो यह दर्शाता है कि उसने लघु खाता खोलने के 12 महीने के भीतर किसी एक सरकारी वैद्य कागजात के लिए आवेदन किया है।
पीएमजेडीवाई खाते में बचत से कितना ब्‍याज अर्जित होगा?
बचत बैंक खाते के लिए लागू ब्‍याज दर (वर्तमान में अधिकांश बैंकों में @4%) पीएमजेडीवाई योजना के अंतर्गत खोले गए खातों में स्‍वीकार्य होगी।
पीएमजेडीवाई में ओवरड्राफ्ट की सुविधा पर बैंक द्वारा कितना ब्‍याज लिया जाएगा?
आधार दर + 2% या 12% जो भी कम हो वर्तमान में यह 12 प्रतिशत होगा।
क्‍या बैंक भविष्‍य में भी खाता खोले जाने के लिए कैंपों का आयोजन करेंगे?
जी हां। राष्‍ट्रीयकृत बैंकों से प्रत्‍येक शनिवार को प्रात: 8:00 बजे से सायं 8:00 बजे तक कैंप आयोजित करने के लिए कहा गया है। बैंक अन्‍य दिनों में भी अतिरिक्‍त कैंप लगा सकते हैं।
यदि हमारे पास आधार कार्ड को जारी कराने के लिए अपेक्षित कागजात हैं, तो क्‍या मैं बैंक में आधार कार्ड प्राप्‍त कर सकता हूँ और पीएमजेडीवाई के अतंर्गत साथ-साथ अपना खाता खुलवा सकता हूँ?
आधार पंजीकरण यूआईडीएआई द्वारा आयोजित कैंपों में कराया जा सकता है। खाता खोले जाने वाले कैंपों में भी आधार पंजीकरण काउंटर उपल्‍ध कराये जाने के प्रयास किये जाते हैं।
क्‍या पीएमजेडीवाई के अंतर्गत बैंक खाता खोलने के लिए कुछ शुल्‍क जमा करना पड़ता है?
जी नहीं। पीएमजेडीवाई के अंतर्गत खाता खोलने के लिए कोई प्रभार/शुल्‍क नहीं है।
 क्‍या कोई अवयस्‍क (18 वर्ष से कम आयु) पीएमजेडीवाई के अंतर्गत खाता खोल सकता है?
 10 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी अवयस्‍क किसी भी बैंक में अपना बचत बैंक खाता खोल सकता है।
कारोबार प्रतिनिधि/बैंक मित्र कौन हैं और पीएमजेडीवाई में उनकी भूमिका क्‍या है?
कारोबार प्रतिनिधि (बैंक मित्र) उन स्‍थानों पर बैंकिंग सेवाएं उपलब्‍ध कराने के लिए बैंकों द्वारा रखे गए रि‍टेल एजेंट हैं जहां बैंकों की स्‍थायी शाखा/एटीएम खोला जाना अर्थक्षम नहीं है। कारोबार प्रतिनिधियों/बैंक मित्रों के क्रियाकलापों की संभावना निम्‍न प्रकार है:-
  • बचत और अन्‍य उत्‍पादों तथा शिक्षा के बारे में जागरूकता पैदा करना और धन प्रबंधन संबंधी सलाह और ऋण संबंधी परामर्श।

  • संभावित ग्राहकों की पहचान।

  • प्राथिमक जानकारी/आंकड़ों के सत्‍यापन के साथ-साथ जमा राशियों से संबंधित विभिन्‍न फार्मों का संग्रह एवं उनकी प्रारंभिक जांच।
  • आवेदनों और खाता खोलने वाले फार्मों को भरना।
  • कम जमा राशियों का संग्रह एवं भुगतान तथा आहरण।
  • छोटे मूल्‍य के विप्रेषणों/अन्‍य भुगतान अनुदेश की प्राप्ति एवं सुपुर्दगी।
  • लघु खाता विवरण और खाता संबंधी अन्‍य जानकारी उपलब्‍ध कराना।
  • उपयुक्‍त अधिकारी द्वारा विधिवत प्राधिकृत बैंक की ओर से अन्‍य कोई सेवा।
बैंक मित्र बैंकिंग सेवा का उपयोग करने में कैसे हमारी सहायता करते हैं?
बैंक मित्र संबंधित बैंक का प्रतिनिधित्‍व करता है और बैंक को अपनी पहुँच बढ़ाने और साथ ही उन क्षेत्रों मे सीमित मात्रा में बैंकिंग सेवा उपलब्‍ध कराने में सहायक होता है जहां स्‍थायी शाखा खोला जाना व्‍यवहार्य नहीं है। इस प्रकार, बैंक के एजेंट के रूप में बैंक मित्र बेहतर वित्‍तीय समावेशन प्राप्‍त करने की कारोबारी नीति का अभिन्‍न अंग है।
बैंक मित्र कौन हो सकते हैं?
बैंकों को कारोबार प्रतिनिधि (बैंक मित्र) के रूप में व्‍यक्तियों/संस्‍थाओं जैसे (i) सेवानिवृत्‍त बैंक कर्मियों, (ii) सेवानिवृत्‍त शिक्षकों, (iii) सेवानिवृत्‍त सरकारी कर्मचारियों, (iv) भूतपूर्व सैनिकों, (v) किराना/मेडिकल/उचित दर दुकानों के व्‍यक्तिगत मालिकों, व्‍यक्तिगत पीसीओ परिचालकों, भारत सरकार/बीमा कंपनियों आदि की लघु बचत योजना के एजेंटों, भारतीय कंपनी अधिनियम में पंजीकृत “लाभ अर्जित करने वाली” कंपनियों को काम पर रखने की अनुमति दी गई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने उपर्युक्‍त के अलावा कारोबार प्रतिनिधि के रूप में जमा राशियां न स्‍वीकार करने वाली एनबीएफसी को अनुमति प्रदान की है।
क्‍या मैं अन्‍य राज्‍य में स्‍थानांतरण पर अपनी तैनाती होने पर अपने पीएमजेडीवाई खाते को अन्‍य शहर/राज्‍य में हस्‍तांतरित करवा सकता हूँ?
पीएमजेडीवाई में भाग ले रहे सभी बैंक सीबीएस (कोर बैंकिंग समाधान) प्‍लेटफॉर्म पर हैं और खाते को खाता धारक के अनुरोध पर किसी शहर/नगर में बैंक की किसी शाखा में आसानी से हस्‍तांतरित किया जा सकता है।
यूएसएसडी आधारित लेन-देन क्‍या है और इसका कैसे उपयोग किया जाता है?
“यूएसएसडी असंरचित अनुपूरक‍ सेवा आंकडा” का संक्षप्ति रूप है। यूएसएसडी आधारित मोबाईल बैंकिंग धन अंतरण, विलों के भुगतान, शेष राशि की जानकारी, मर्चेंट भुगतान आदि जैसी मूल बैंकिंग सुविधाएं साधारण जीएसएम आधारित मोबाईल फोन पर उपलब्‍ध कराता है। इसमें तत्‍काल भुगतान सेवा (आईएमपीएस) आधारित मोबाईल बैंकिंग में यथा अपेक्षित किसी फोन पर एप्‍लीकेशन डाउनलोड करने की आवश्‍यकता नहीं होती है। लेन-देन वेसिक फोन हैंड सेटों पर किए जा सकते हैं। उपयोगकर्ता को अपने बैंक से संपर्क करने और अपने मोबाईल नंबर को पंजीकृत कराने की आवश्‍यकता होती है। बैंक उपयोगकर्ता को एमपिन (मोबाईल पिन) जारी करेगा। इसके पश्‍चात् उपयोगकर्ता को *99# डायल करने और यूएसएसडी का उपयोग करने के लिए मैनु खोलने की आवश्‍यकता होती है इसके पश्‍चात् ग्राहकों को लेन-देन पूरा करने के लिए मैनु पर चयन का अनुपालन करना पड़ता है। टेलिकॉम ऑपरेटर द्वारा यथा लागू प्रभार (जो ट्राई द्वारा अधिदेशित किए गए अनुसार प्रति लेन-देन डेढ़ रूपये से अधिक नहीं होगा) लागू होगा ।